Glass Wall System IPO के निवेशको ने तीसरे दिन जबरदस्त दम दिखाया। तीसरे अंतिम दिन 427.52 करोड़ के इस आईपीओ में 52.69 गुना सब्सक्राइब हुआ। इस कंपनी के ग्रे मार्केट प्रीमियम में बढ़ोतरी हुई। कंपनी का जीएमपी ₹52 पहुंचा।
Glass Wall System IPO के निवेशक
Glass Wall System IPO के अंतिम तीसरे दिन में 52.69 गुना सब्सक्राइब हुआ। अलग-अलग निवेश को ने कंपनी में अपनी भूमिका निभाई। जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बॉयर (QIB) ने 78.38 गुना सब्सक्राइब किया। नॉन इस्टीट्यूशन इन्वेस्टर ने (NII) 74.19 गुना सब्सक्राइब किया। और रिटेल इन्वेस्टर ने 28.80 गुना सब्सक्राइब किया। इन अलग-अलग निवेशकों के आंकड़े कंपनी की मजबूती बताते हैं
Glass Wall System IPO मौजूदा GMP की स्थिति
- Glass Wall System IPO की मौजूदा जीएमपी स्थित ₹52 ही है यदि जीएमपी इसी तरह बरकरार रहा तो कंपनी के ऊपरी प्राइस बैंड 182 रुपए है जो लिस्ट होने के बाद ₹234 तक पहुंच सकता है जीएमपी कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं होता यह केवल ग्रे मार्केट का अनुमान होता है

Glass Wall System IPO का महत्वपूर्ण विवरण
- आईपीओ प्राइस बैंड: 172 रुपए से 182 रुपए प्रति शेयर
- आईपीओ साइज: 427.89करोड़ रुपए
- सब्सक्रिप्शन टाइम: 8 सितंबर से 10 सितंबर 2026 तक
- अलॉटमेंट:11 सितंबर 2026 संभावित
- लिस्टिंग: 16 सितंबर 2026 संभावित
- लिस्टिंग एक्सचेंज: NSE और BSE दोनों पर
Glass Wall System काम क्या करती है
Glass Wall System india बिल्डिंग के लिए फ़ैसाड और विंडो सॉल्यूशन उपलब्ध कराने काम करती है यह डिजाइनिंग,इंजीनियरिंग मैन्युफैक्चरिंग,इंस्टॉलेशन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाती है
31 मार्च 2026 तक कंपनी ने कुल 158 प्रोजेक्ट पूरे किए। कंपनी भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों में काम करती है
IPO से मिलने वाली रकम से कंपनी क्या करेगी
Glass Wall System कंपनी जुलाई 2026 तक 981 करोड रुपए का ऑर्डर था एसबीआई सिक्योरिटीके अनुसार कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 2.1 गुना है अब कंपनी को IPO के माध्यम से मिलने वाली राशि का एक हिस्सा महाराष्ट्र के Vile में ग्लास प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना करेगी। जिसमें लगभग 50 करोड़ खर्च करने की योजना बनाई है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य ग्लास प्रोसेसिंग को इन हाउस तक पहुंचाना और स्वयं को थर्डपर्टी से स निर्भरता हटाना।
Glass Wall System Ipo का निवेशकों के लिए ध्यान देने वाले संकेत।
ग्लास वॉल सिस्टम कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन FY 24 से FY 26 काफी हद तक अच्छा और बेहतर देखने को मिला। कंपनी के रेवन्यू, EBITDA और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में क्रमशः 22.5%, 38.7% और 103.4% CAGR की वृद्धि देखने को मिली।
लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि कंपनी के जीएमपी को देखकर कभी निवेश करने की कोशिश ना करें क्योंकि जीएमपी केवल एक अनुमानित संकेतक है ना की पूर्ण रूप से आंकड़ा। यदि आईपीओ में आप निवेश कर रहे हो तो अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर ले।
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Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। यहां किसी भी प्रकार के निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
