Stock Market Crash Today: आज 15 सितंबर 2026 को सुबह करीब 9:15 बजे मार्केट तेजी से खुला। पर धीरे-धीरे समय के साथ मार्केट में बिकवाली शुरू हुई। करीब 2:00 बजे के बाद मार्केट में ऐसी गिरावट आई की सेंसेक्स 1200 पॉइंट टूटा। जबकि निफ्टी 23,200 पर आई।
इस गिरावट से बीएससी पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट केपीटलाइजेशन लगभग 8.94 लाख करोड़ घट गया। यानी निवेशकों को 9 लाख करोड़ का घाटा हुआ। इस अचानक आई गिरावट के पीछे अमेरिकी बांड यील्ड में तेजी, क्रूड ऑयल कामहंगा होना,और ब्याज दरो की चिंता इसी के साथ पांच बड़ी कारण भी शामिल है
कैसा रहा Stock Market Crash Today का हाल
आज स्टॉक मार्केट गिरावट देखने को मिली। इस प्रकार अचानक में मार्केट का गिरना निवेशकों के लिए एक दुखदाई कारण बना। सेंसेक्स 1200 अंक टूटा जबकि निफ्टी ने 23,200 का स्तर छुआ। बीएससी पर लिस्टेड कई कंपनियों के केपीटलाइजेशन में 8.94 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। इस गिरावट के कारण निवेशकों को 9 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। इसका मतलब यह नहीं है कि निवेशकों के खाते से 9 लाख करोड़ गए इसका मतलब निवेशकों के शेयरों में मूल्य में कमी आना है
स्टॉक मार्केट में 4000 कंपनियों का बुरा हाल
स्टॉक मार्केट में लगभग 4000 कंपनियां लिस्टेड है आज मार्केट की गिरने से इन कंपनियों का बुरा हाल हुआ। बीएसई सूचकांक पर लिस्टेड यह सभी कंपनियों के हर एक शेयर पर ढाई शेयर टूटे है यानी 1124 शेयर तेजी में थे और 2918 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे
Stock Market Crash Today इन 5 वजहों से मार्केट टूटा
* क्रूड ऑयल 107 डॉलर के लगभग पहुंचा
मिडिल ईस्ट के बढ़ते संघर्ष के कारण आज स्टॉक मार्केट में गिरावट देखने को मिली। इस संघर्ष के कारण क्रूड ऑयल 107 डॉलर रुपए पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का अधिकतर हिस्सा कच्चे तेल को आयात करके पूर्ति करता है अगर क्रूड ऑयल महंगा होता है तो देश की इंपोर्ट ड्यूटी भी बढ़ेगी। जिससे रुपया पर दबाव पड़ेगा।
कच्चे तेल की महंगाई के कारण पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ेंगे इसके साथ आमजन की पूर्ति वाली खाद्यान्न पदार्थ के दाम बढ़ाने की आशंका रहेगी
* महंगाई बढ़ने से ब्याज दरों का डर
महंगे क्रूड ऑयल के कारण ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंता बनी हुई है इसका असर लंबे समय से पहले हीं बना हुआ है अगर संघर्ष लंबे समय तक बना रहता है महंगाई बढ़ना पक्का माना जा सकता है इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर गहरा पड़ेगा। केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरो में कटौती करना मुश्किल है
*अमेरिकी बांड यील्ड 5% तक पहुंचा
अमेरिका बॉन्ड यील्ड का 5% बढ़ाना भारतीय शेयर बाजारों के लिए खतरा माना जा सकता है क्योंकि अमेरिका का बॉन्ड सबसे सुरक्षित निवेशक रूप में माना जाता है इसका रिटर्न भी अधिक होता है कई ग्लोबल निवेशक अमेरिकी बांड में निवेश करके अच्छा रिटर्न कमाते हैं अगर विदेशी निवेशक अमेरिकी बांड में निवेश करके अच्छा रिटर्न कमाने के लिए भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली करते हैं तो भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का माहौल बन सकता है
* निफ्टी का टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर
बड़े-बड़े एनालिटिक्स के अनुसार निफ्टी का टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर माना जा रहा है एक्सपर्ट का कहना है कि अगर निफ्टी 23500 या 23600 के ऊपर टिकती है तो अगला पुलबैग 23,650 माना जाएगा।
वहीं अगर निफ्टी 23230 के नीचे आती है तो अगली गिरावट 23070 तक होगी।
* बैंकिंग,डिफेंस और रियल्टी शेयरों में बिकवाली
मार्केट के गिरने का मुख्य कारण बैंक क्षेत्र,डिफेंस क्षेत्र,फाइनेंस क्षेत्र में बिकवाली की। बैंक और फाइनेंस क्षेत्र के स्टॉक में आज 1 से 3% की गिरावट देखने को मिली। जिसमें बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस श्रीराम फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक जिसमें शामिल रहे।
साथ ही डिफेंस सेक्टर के स्टॉक भी 4% नीचे गिरे। जिसमें भारत इलेक्ट्रॉनिक 4% तक गिरा। यह स्टॉक निफ्टी की कमजोर लिस्ट में शामिल हुआ।
इंडिया विक्स के बढ़ने से बाजार में डर का माहौल
बाजार में उतार-चढ़ाव के मापदंड को देखने के लिए इंडिया विक्स को देखा जाता है इंडिया विक्स करीब 6% से बढ़कर 13.04% पर पहुंच गया। यह एक ऐसा पैरामीटर है जिससे ट्रेडर उतार और चढ़ाव के अनुमान को लगाते है
निष्कर्ष
Stock Market Crash Today में अमेरिकी बांड यील्ड का बढ़ना, मिडिल ईस्ट का तनाव, कच्चे तेल का बढ़ना, डिफेंस और फाइनेंस का गिरना, इन सभी कारकों ने मार्केट को नीचे गिराया।
जिससे सेंसेक्स 1200 अंक टूटा जबकि निफ्टी 23,200 पर आई।
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Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। यहां किसी भी प्रकार के निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।