crude oil news:क्या और crude oil महंगा हो सकता है कच्चे तेल कीमत हमेशा से ऊपर ओर नीचे होती रहती है ईरान, अमेरिका और होमुर्ज की स्थिति यह तय करेगी कि क्रूड ऑयल के भाव किस दिशा जाएंगे। पिछले कई महीने से संघर्ष के कारण crude oil में सही ढंग से स्थिरता नहीं आई है। जिससे विश्व के लिए आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में रुकावट से वैश्विक बाजार की नजर बनी हुई है यदि बातचीत की संभावना बनती है ओर बातचीत सकारात्मक दिशा में होती है तो crude oil की कीमत में गिरावट आ सकती है।
क्या और crude oil महंगा हो सकता है जानते है इसके तीन कारण ?
1) स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज की आवाजाही पर रुकावट?
स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज विश्व का सबसे बड़ा कच्चे तेल के आवाजाही तेल परिवहन मार्ग है। इस मार्ग से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और पेट्रोलियम पदार्थ की आवाजाही होती है
यदि इस मार्ग में रुकावट आती है तनाव बढ़ता है तो कच्चे तेल के भाव बढ़ने की संभावना बढ़ेगी। और यह मार्ग सामान्य रहता है तो भाव में गिरावट आएगी।
भारत के लिए यह जरूरी है कि भारत अपनी जरूरत का हिस्सा कच्चे तेल को खरीद के आपूर्ति करता है यदि कच्चे तेल और पेट्रोल के भाव बढ़ने से भारतीय बाजार में दबाव का असर पड़ सकता है।
2) क्या अमेरिका-ईरान से बातचीत कर सकता है ?
बातचीत एक रणनीतिक कूटनीति का रास्ता माना जाता है। बातचीत से सभी मुद्दे हल हो सकते है अगर इन दोनों के बीच बातचीत का रास्ता खुलता है ओर तनाव कम होता है तो संभवतः तेल कीमत कम होने के आसार बढ़ सकते है।
एक्सपर्ट के अनुसार , भूराजनीतिक तनाव ओर बढ़ता है तो तेल की कीमत में 115 से 120 प्रति बैरल डॉलर जाने की संभावना बढ़ सकती है। जिससे तेल की कीमत में बढ़ोतरी हो सकती है यह केवल अनुमान हैं कीमत की कोई गारंटी नहीं है।
3) अमेरिका के कच्चे तेल भंडार पर रहेगी नजर?
निवेशकों की नजर अमेरिका तेल संस्थानों पर है यदि अमरीकी तेल भंडार में गिरावट आती है तो तेल कीमत में तेजी बढ़ सकती है इससे कीमतों को सहारा मिलेगा तो तेल भंडार के भाव में दबाव बढ़ेगा।
भारतीय बाजारों पर कैसा असर पड़ेगा?
अगर तेल की स्थिति में अस्थिरता बनी रहती है तो भारतीय बाजार पर इसका असर देखने को मिल सकता है क्योंकि भारत तेल का सबसे बड़ा खरीदार है जिससे तेल कीमत में बदलाव होता है भारतीय तेल आयतिक बिल खर्च बढ़ेगा। जिससे परिवहन, महंगाई का खर्च बढ़ने की संभावना बढ़ेगी।
तेल की कीमत बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि पेट्रोल और डीजल के भाव एकदम बढ़ेंगे। यह घरेलू ईंधन कारकों पर भी निर्भर पड़ेगा।
निष्कर्ष
क्या आने वाले समय में crude oil के भाव बढ़ सकते है?
कच्चे तेल के भाव बढ़ने की स्थिति स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज की स्थिति, अमेरिका ईरान की बातचीत, अमेरिका के तेल भंडार इन सभी स्थितियों पर निर्भर करेगा। अगर स्थिति इनके अनुकूल के अनुसार रहती है तो तेल के भाव में उतार चढ़ाव दिख सकता है निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि तेल की कीमत किस प्रकार रहती है क्योंकि निवेशकों के लिए निवेश में तेल की कीमत बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। यहां किसी भी प्रकार के निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
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